पटना: बिहार कैडर के 36 आईएएस अधिकारियों को 15 जून से 10 जुलाई तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री rashtriy प्रशासन अकादमी में आयोजित अनिवार्य मिड-करियर ट्रेनिंग फेज-4 में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस प्रशिक्षण में पटना, दरभंगा, नालंदा और बेगूसराय के जिलाधिकारी भी शामिल होंगे, जिससे इन जिलों के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रेनिंग के लिए चयनित प्रमुख अधिकारियों में पटना के डीएम त्यागराजन एस एम, दरभंगा के डीएम कौशल कुमार, नालंदा के डीएम कुंदन कुमार और बेगूसराय के डीएम श्रीकांत शास्त्री शामिल हैं। इन अधिकारियों के करीब 25 दिनों तक मसूरी में रहने के कारण सरकार अब वैकल्पिक प्रभार की व्यवस्था करने में जुट गई है।
सूची में कई महत्वपूर्ण विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव चंद्रशेखर सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, सारण प्रमंडल के आयुक्त मनीष कुमार तथा मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव प्रमुख हैं। इसके अलावा ऊर्जा, उच्च शिक्षा, योजना एवं विकास और युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी भी प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगे।
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम गवर्नेंस, नीति निर्माण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रशासनिक क्षमता विकास जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा। अकादमी के विशेषज्ञ अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने और सुशासन के नए मॉडल पर प्रशिक्षण देंगे। सभी चयनित अधिकारियों को अकादमी की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।
तीन दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों के एक साथ प्रशिक्षण पर जाने से विभिन्न विभागों और जिलों में अतिरिक्त जिम्मेदारियां बांटी जा सकती हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे बिहार प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम बताया है।
