गयाजी के बोधगया में इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा का पर्व बेहद खास और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। 1 मई 2026, शुक्रवार को आयोजित इस अवसर पर देश-विदेश से 2 लाख से अधिक श्रद्धालु, बौद्ध भिक्षु और अनुयायी यहां पहुंचने वाले हैं। इसको लेकर बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूरे शहर को सजाया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
वैशाख पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल 2026 की रात 9:13 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी। इसी आधार पर 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह दिन आत्मचिंतन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। लोग इस दिन दान-पुण्य करते हैं और जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लेते हैं।
इस खास मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बोधगया पहुंचेंगे। वे शंकराचार्य मठ में पूजा-अर्चना करेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे। मठ के स्वामी सत्यानंद गिरी के अनुसार, मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला बोधगया दौरा होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु के 9वें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। इतना ही नहीं, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण भी हुआ था। यही कारण है कि बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व है।
बोधि वृक्ष की पूजा इस दिन का प्रमुख आकर्षण होती है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे राजकुमार सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ और वे भगवान बुद्ध बने। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से बोधि वृक्ष की पूजा करते हैं।
इसके साथ ही खीर का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि सुजाता ने भगवान बुद्ध को खीर खिलाई थी, इसलिए इस दिन खीर बनाना और बांटना शुभ माना जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
