बिहार में मौसम ने अचानक करवट लेकर भारी तबाही मचा दी है। पिछले 24 घंटे में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात की चपेट में आने से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा मौतें गया और औरंगाबाद जिलों में दर्ज की गई हैं। इस दर्दनाक स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

सोमवार को सुबह तक उमस भरी गर्मी थी, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने से कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पटना, पूर्वी चंपारण, गया, औरंगाबाद, रोहतास, वैशाली, सीतामढ़ी और नालंदा समेत कई जिलों में मौतों की खबर सामने आई है।

कटिहार के आजमनगर स्टेशन पर बड़ा हादसा टल गया, जब तेज हवा में पेड़ की डाल 25 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार पर गिर गई और आग लग गई। रेलवे की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया, हालांकि रेल परिचालन करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा।

सीतामढ़ी में बिजली का पोल गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वहीं रोहतास में आकाशीय बिजली गिरने से एक मजदूर की जान चली गई और चार अन्य झुलस गए। गया के शेरघाटी में आम चुनने गए तीन नाबालिग छात्रों की वज्रपात से मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।

इसके अलावा भोजपुर, वैशाली और पूर्वी चंपारण में भी वज्रपात और आंधी से कई लोगों की जान गई है। नालंदा में भी तेज तूफान और बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बिहार के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है। लोगों को घर में रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाने तथा बिजली के उपकरणों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

राज्य में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और राहत कार्य जारी है।

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