पटना में जल्द ही राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को मिली बढ़त के बाद अब बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। आगामी 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस आयोजन के साक्षी बनेंगे।
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। करीब 20 दिनों के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। पश्चिम बंगाल चुनाव के कारण यह प्रक्रिया कुछ समय के लिए टल गई थी। दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की और पटना लौटकर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। इसके बाद संभावित मंत्रियों के नामों पर सहमति बन गई है।
मंत्रिमंडल में सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। जेडीयू कोटे से कई पुराने चेहरों की वापसी तय मानी जा रही है, जबकि बीजेपी भी अनुभवी नेताओं पर भरोसा जता सकती है। साथ ही कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना है, जिससे सरकार में संतुलन और युवा ऊर्जा दोनों देखने को मिल सकती है।
एलजेपी (रामविलास) की ओर से दो मंत्री बनाए जाएंगे, जिनमें पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है। वहीं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन का मंत्री बनना लगभग तय है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी एक नाम पर सहमति बनती दिख रही है।
खास बात यह है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार को बेहद भव्य और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाने की रणनीति अपनाई गई है। बंगाल चुनाव में मिली सफलता के बाद बीजेपी और एनडीए इस आयोजन के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
