पटना में सियासी हलचल तेज है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के हटने के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। पार्टी कार्यालय में लगे पोस्टरों से लेकर नेताओं के बयानों तक, हर जगह एक नई दिशा की झलक मिल रही है।
सबसे पहले जेडीयू दफ्तर से ‘2025 से 2030 फिर से नीतीश’ वाला पोस्टर हटा दिया गया। उसकी जगह अब ‘दो दशक जन-जन के नाम’ वाला नया पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार के करीब 20-21 वर्षों के कार्यकाल और विकास कार्यों को दिखाया गया है। पार्टी का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब फोकस भविष्य के बजाय पिछले कामों को जनता के सामने रखने पर है।
जेडीयू नेताओं का कहना है कि समय के साथ बदलाव जरूरी होता है। विधायक विनय चौधरी ने कहा कि पार्टी परिस्थितियों के अनुसार अपने संदेश और रणनीति को अपडेट करती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इसी बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रियता भी चर्चा में है। निशांत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलना शुरू कर दिया है और जल्द ही बिहार भ्रमण पर निकलने की तैयारी में हैं। खबर है कि वे अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से कर सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्हें लेकर पार्टी की ओर से कोई बड़ा पोस्टर नहीं लगाया गया है।
निशांत को लेकर सवाल उठने पर विनय चौधरी ने कहा कि वे अब “दिल में आ चुके हैं” और जल्द ही पोस्टर में भी नजर आएंगे। इससे साफ है कि पार्टी धीरे-धीरे उन्हें आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
वहीं, हाल ही में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन चर्चाओं के बावजूद निशांत कुमार को डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया। इस पर निशांत ने खुद साफ किया कि फिलहाल उनका लक्ष्य जेडीयू को मजबूत करना है, न कि सरकार में कोई पद लेना।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में जेडीयू में नेतृत्व को लेकर क्या नई तस्वीर उभरती है।
