बिहार के जमुई जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां कानून की रक्षा करने वाले ही कानून के घेरे में आ गए हैं। पुलिस ने उत्पाद विभाग में तैनात दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और दो होमगार्ड जवानों को अपहरण और फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ASI सुजीत कुमार, ASI दिलीप कुमार, गृह रक्षक रविंद्र कुमार और गृह रक्षक गुलशन कुमार के रूप में हुई है। ये सभी नवादा जिले के पकरीबरावां-कौवाकोल उत्पाद चेकपोस्ट पर तैनात थे। आरोप है कि इन लोगों ने जमुई के नर्वदा गांव निवासी संतोष कुमार का अपहरण कर उनके परिजनों से मोटी रकम की मांग की।

इस मामले में संतोष कुमार के छोटे भाई पिंटू कुमार ने 23 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, संतोष कुमार दोपहर करीब 1 बजे घर से अपनी कार लेकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। शाम करीब 7:30 बजे उन्होंने फोन कर बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है।

इसके बाद पिंटू कुमार अपने रिश्तेदारों के साथ 2 लाख रुपये लेकर नवादा पहुंचे। आरोप है कि पकरीबरावां उत्पाद थाना में क्रेटा कार छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये भी लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और चारों आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक क्रेटा कार और डेढ़ लाख रुपये बरामद किए हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने प्रेस रिलीज जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की है।

हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्हें शराब पीने के मामले में फंसाया गया है और उनके खिलाफ झूठा आरोप लगाया गया है। अब इस पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

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