बिहार के असाधारण जिले में मद्य निषेध विभाग के फर्जी अधिकारी को अवैध रूप से बंधक बनाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार मूलनिवासी की पहचान बेलसर थाना क्षेत्र के डिप्टी होरिल गांव निवासी प्रभात कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और बिहार सरकार के बोर्ड से एक कार भी बरामद की है।

जांच में यह भी सामने आया है कि सुपरमार्केट केली शराब तस्करों से ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर पुलिस को भी अधिकारी ने शराब-धमकाता और पैसे वसूलने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि वह बिहार सरकार और मद्य निषेध विभाग के बोर्ड पर अपनी कार लेकर कोलकाता के आस-पास के कई बाजारों में अवैध कारोबार कर रही थी।

पूछताछ के दौरान एक और दोस्त वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में पता चला कि प्रभात कुमार ने 2024 में बेलसर थाने में अपनी कार की चोरी की चोरी का नाम दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने मामले को सही मानते हुए जांच के बाद कोर्ट में दोषियों को भी सजा दी थी। इसी आधार पर ऑर्केस्ट्रा ने कंपनी से करोड़ों रुपये का क्लेम भी हासिल किया था।

इसके बाद उसने उसी कार का इस्तेमाल फर्जी सरकारी वाहनों के रूप में करना शुरू कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि कार पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी और वह नंबर कार्ड के एक व्यक्ति की गाड़ी का था।

सदर हाजीपुर के एसडीओ एसडीओ कुमार ने बताया कि मद्य निषेध विभाग के नाम पर अवैध शराब बनाने वाले इस फर्जी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस को अब यह पता चला है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक लोगों से अवैध तरीके से ठगी की जाती है।

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