अमूमन 500 रुपए प्रति क्विंटल बिकने वाला भूसा इन दिनों 1000 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। बढ़े हुए दामों का असर पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। जानवरों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है।
देशभर में गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। वहीं खेती किसानी के लिए ये सीजन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसमें गेंहू की कटाई होती है। जिससे लोगों को पूरे साल भर खाने का अनाज और पशुओं के लिए भूसा मिलता है। लेकिन 500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकने वाला भूसा इस समय 1200 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक बिक रहा है। महंगे भूसे ने पशु पालन करने वाले किसानों के साथ साथ डेयरी चलाने वालों पर काफी बोझ बढ़ा दिया है। जिससे अब गाय और भैंस का दूध भी महंगा होने जा रहा है। इस बार भूसे की वजह से आम तौर पर 60 रुपये लीटर मिलने वाला दूध अब 80 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मिलने की संभावना है। वहीं छोटे किसानों के जानवरों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। पशु पालक और गौशालाओं के प्रबंधक महंगे भूसे से परेशान हैं। कीमतों में उछाल के कारण पशु पालकों को मजबूरी में इस काम से मुंह मोड़ना पड़ेगा, क्योंकि पशुपालन महंगा सौदा साबित हो रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में छुट्टा रहने वाले जानवर और गौवंश भूखे मरने को मजबूर होंगे। वहीं, भारत के 7 राज्यों में इसकी खपत बढ़ने के कारण भी भूसा महंगा हो रहा है। भूसे के साथ ही चूनी-चोकर भी महंगा हो रहा है।
