बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
पटना से बड़ी खबर है, जहां पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूरे बिहार का मौसम बदल गया है। शुक्रवार दोपहर से ही कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे कई जगहों पर पेड़ गिरने और नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
वैशाली जिले में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। वहीं गया जिले के वजीरगंज और डुमरिया प्रखंड से दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां आकाशीय बिजली यानी ठनका गिरने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक भैंस भी मारी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने अररिया, बेगूसराय, दरभंगा, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल और वैशाली समेत 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज आंधी, भारी बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है, जहां मौसम की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी उत्तर-पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है, हालांकि दक्षिण बिहार में इसका असर थोड़ा कम हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। प्रशासन भी अलर्ट मोड में है, लेकिन सवाल यही है कि क्या इस चेतावनी के बीच लोग सतर्क रहेंगे?
