बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से बिहार और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे आम जनजीवन और खासकर किसानों पर असर पड़ने की आशंका है। यह चेतावनी विशेष रूप से 08 अप्रैल 2026 से 09 अप्रैल 2026 के बीच अधिक प्रभावी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। तेज आंधी और बारिश के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि किसान भाई जल्द से जल्द अपनी तैयार फसलों की कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर भंडारण सुनिश्चित करें। खेतों में रखी फसलों को अच्छी तरह ढक कर रखें, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
इसके अलावा, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे पूर्वानुमान और चेतावनियों का पालन करने की भी अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि वे सतर्क रहें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही अपने दैनिक कार्यों की योजना बनाएं।
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन बिहार के लिए मौसम के लिहाज से संवेदनशील रहने वाले हैं, ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
