Anita Devi ने बिहार विधानसभा में खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जोरदार भाषण देकर सत्ता पक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया। Bihar Legislative Assembly के सदन में उन्होंने बिहार के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर तीखा हमला बोला। साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री Tejashwi Yadav के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं की सराहना की।
🏟️ खेल सुविधाओं पर सवाल
अनीता ने कहा कि राज्य के अधिकांश जिलों में स्टेडियम जर्जर हालत में हैं। लाइट, शौचालय, जिम और प्रशिक्षण हॉल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। कई खेल केंद्रों में प्रमाणित कोच और फिटनेस ट्रेनर तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कागजों पर करोड़ों खर्च का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
🏅 खिलाड़ियों का पलायन
उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभाएं हरियाणा, पंजाब, रेलवे और सेना जैसी संस्थाओं में चली जाती हैं, जिससे मेडल तो जीतते हैं खिलाड़ी, लेकिन राज्य का नाम पीछे रह जाता है।
🌟 तेजस्वी यादव के कार्यों की चर्चा
अनीता ने “मेडल लो, नौकरी पाओ” योजना को खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक कदम बताया। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय खेल को सम्मान मिला और पुरस्कार सीधे खातों में भेजे गए।
🎤 माइक बंद, फिर भी जारी भाषण
जब वे तेजस्वी यादव की तारीफ कर रही थीं, तभी उनका माइक कुछ देर के लिए बंद हो गया। हालांकि वे बिना रुके बोलती रहीं और इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। बाद में माइक दोबारा चालू किया गया।
📌 पांच प्रमुख मांगें
अनीता देवी ने हर जिले में प्रमाणित कोच की संख्या सार्वजनिक करने, पंचायत स्तर पर खेल योजना लागू करने, “मेडल लो, नौकरी पाओ” योजना को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन कराने और नवादा के स्थानीय खिलाड़ियों के सम्मान की मांग उठाई।
उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
