भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। बिहार–झारखंड क्षेत्रीय निदेशालय के निदेशक श्री विनय कुमार का विश्वविद्यालय आगमन राष्ट्रीय एकता शिविर की तैयारियों की समीक्षा बैठक और कार्यक्रम स्थलों के निरीक्षण के लिए हुआ। उनके आगमन से विश्वविद्यालय परिसर में एनएसएस से जुड़े पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों में खासा उत्साह देखा गया।
राष्ट्रीय एकता शिविर को लेकर लगातार निरीक्षण और बैठकों का दौर चला। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस समन्वयक की अगुवाई में हुई, जहां स्वयंसेवक आनंद के नेतृत्व में एनएसएस वोलंटियरों द्वारा आयोजित परेड का क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और तैयारियों की सराहना की।
इसके पश्चात क्षेत्रीय निदेशक टीएनबी महाविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचार्य आवास, स्टेडियम और अल्पसंख्यक छात्रावास का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके बाद कार्यक्रम स्थल के चयन को लेकर मारवाड़ी महाविद्यालय के महिला प्रभाग का निरीक्षण किया गया। यहां प्राचार्य एवं कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें राष्ट्रीय एकता शिविर के आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों महाविद्यालयों के निरीक्षण के बाद खेलो इंडिया ऑडिटोरियम का भी जायजा लिया गया।
दिन के अंतिम चरण में क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों और एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय एकता शिविर के आयोजन को लेकर अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में यह तय किया गया कि राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन आगामी 4 फरवरी से किया जाएगा। शिविर का मुख्य कार्यक्रम स्थल मारवाड़ी महाविद्यालय का महिला प्रभाग होगा। इस राष्ट्रीय स्तर के शिविर में देश के 15 राज्यों से लगभग 200 प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, शिविर के भव्य उद्घाटन के लिए महाहिम राज्यपाल महोदय को आमंत्रित किए जाने का निर्णय भी लिया गया।
इस आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और एनएसएस इकाई पूरी तैयारी में जुट गई है, जिससे राष्ट्रीय एकता का यह शिविर यादगार और सफल बनाया जा सके।
