सहरसा जिले के मंगुआर पंचायत में प्रस्तावित पावर सब स्टेशन निर्माण को लेकर गुरुवार को उस समय स्थिति बेकाबू हो गई, जब सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। देखते ही देखते विरोध हिंसा में बदल गया और प्रशासनिक व पुलिस वाहनों को निशाना बनाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मंगुआर पंचायत के डीहटोला स्थित विषहरा मंदिर के समीप करीब 52 डिसमिल सरकारी जमीन को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) द्वारा पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। यह जमीन बिहार सरकार की बताई जा रही है, जिस पर वर्षों से अतिक्रमण था। जिलाधिकारी के निर्देश पर अंचल प्रशासन पुलिस बल के साथ गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा था।
जैसे ही जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, वहां मौजूद ग्रामीणों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर उग्र हो गए और प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान सोनवर्षा प्रखंड के बीडीओ, सीओ और बसनहीं थाना की पुलिस टीम के वाहनों को निशाना बनाया गया।
हमले में बसनहीं थाना के दो सरकारी वाहन, एक निजी वाहन और एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। झड़प के दौरान अंचल अधिकारी (सीओ) और राजस्व अधिकारी (आरओ) को चोट लगने की सूचना है। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकनी पड़ी।
घटना के बाद सीओ आशीष कुमार बसनहीं थाना पहुंचे और पूरे मामले को लेकर उग्र ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। बसनहीं थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि इस हिंसक घटना में कुल पांच वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया है। सीओ के लिखित आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
फिलहाल मंगुआर पंचायत और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
