बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड कार्यालय परिसर में कोसी क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरने में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई सरकारी योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं हो रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना दे रहे लोगों का कहना है कि कोसी क्षेत्र के डरहार पंचायत सहित आसपास के गांवों में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा गरीबों को मिलने वाला पांच किलो राशन भी कई लाभुकों को नहीं दिया जा रहा है। इससे गरीब और मजदूर परिवारों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो रही है।
ग्रामीणों ने हर घर नल-जल योजना की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई जगहों पर नल-जल योजना या तो अधूरी है या फिर सही तरीके से संचालित नहीं हो रही है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा ग्रामीणों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा योजना में भी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल रहा है।
धरने में शामिल लोगों ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति काफी कमजोर है, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने कहा कि दिल्ली और पटना के लोगों को जितनी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं, उतना ही अधिकार कोसी क्षेत्र के लोगों का भी है। लेकिन यहां सड़क, पुल और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।
धरना पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी सरकारी योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें उनका पूरा हक और अधिकार दिलाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
