अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस युद्ध ने अब पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले लिया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। द्वारा पर लगाई गई पाबंदी के कारण दुनिया भर में तेल आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है।

इस बीच ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। ट्रंप ने साफ कहा कि कार्रवाई की शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी। इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा।

जमीनी हालात भी तेजी से बिगड़ रहे हैं। के दक्षिणी शहर और में ईरानी मिसाइल हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इजराइली प्रधानमंत्री ने हमले की निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

वहीं खाड़ी देशों में भी खतरा बढ़ गया है। ने रियाद की ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। और जॉर्डन में भी हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। सऊदी अरब ने ईरान के तीन राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश देकर कूटनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है।

हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि एक जहाज के पास यूएई तट के नजदीक प्रोजेक्टाइल गिरने की भी खबर है। कुल मिलाकर यह संघर्ष अब क्षेत्रीय युद्ध से आगे बढ़कर वैश्विक संकट का रूप लेता दिख रहा है, जिसमें आने वाले 48 घंटे बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।

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