भागलपुर/नवगछिया। खाद्य आपूर्ति मंत्री लेशी सिंह ने बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर नशे में होने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जांच टीम का गठन किया गया।
जानकारी के अनुसार मंत्री श्रीमती सिंह पटना से पूर्णिया जा रही थीं।

यात्रा के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। इसके बाद वे तत्काल बिहपुर सीएचसी पहुंचीं। वहां मौजूद एएनएम ने सबसे पहले उनका ब्लड प्रेशर जांचा, जो 190/150 पाया गया। यह स्तर अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति का संकेत माना जाता है।


कुछ देर बाद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सैफुल्ला ने पुनः ब्लड प्रेशर की जांच की और इसे 150/80 बताया। दोनों रिपोर्टों में भारी अंतर देखकर मंत्री ने दोबारा जांच कराने को कहा। पुनः एएनएम द्वारा जांच में ब्लड प्रेशर 190/150 ही पाया गया। इस विरोधाभास से नाराज मंत्री ने तत्काल वरीय अधिकारियों को फोन कर चिकित्सक के ड्यूटी के दौरान नशे में होने की शिकायत की।


सूचना मिलते ही बिहपुर पुलिस ब्रेथ एनालाइजर के साथ सीएचसी पहुंची, ताकि चिकित्सक की जांच की जा सके। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही संबंधित चिकित्सक वहां से फरार हो गए। रात करीब पौने दो बजे बिहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा जांच के लिए सीएचसी पहुंचे, लेकिन चिकित्सक मौजूद नहीं मिले।


मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित की गई है। टीम में नवगछिया के कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार तथा उत्पाद विभाग के पदाधिकारी शामिल हैं। टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।


सीएचसी प्रभारी सह चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुरारी पोद्दार ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से पूछताछ की गई है। सोमवार की रात करीब एक बजे जानकारी मिली कि चिकित्सक केंद्र पर मौजूद नहीं हैं। उनके स्थान पर तत्काल दूसरे चिकित्सक की तैनाती की गई, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। बताया गया है कि डॉ. सैफुल्ला का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।


घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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