बेगूसराय जिले में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक लहलहाती फसलें खड़ी थीं, आज वहीं फसलें जमीन पर बिछी नजर आ रही हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर महीनों तक अपनी फसलों की देखभाल की, लेकिन मौसम की मार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
रुदौली पंचायत के किसान राजीव रंजन बताते हैं कि भारी बारिश और तूफान के कारण उनकी पूरी फसल गिर गई है और अब वह काटने लायक भी नहीं बची है। खेतों में जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे नुकसान और बढ़ गया है। वहीं किसान सुमित कुमार का कहना है कि उनकी 15 एकड़ में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है ताकि उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई हो सके।
मार्च-अप्रैल का समय गेहूं की कटाई के लिए अहम होता है, लेकिन इस दौरान हुई बारिश से दाने काले पड़ जाते हैं और फसल की गुणवत्ता गिर जाती है। तेज हवाओं के कारण फसल खेतों में गिर जाती है, जिससे पैदावार लगभग खत्म हो जाती है। मक्का, दलहन और सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। पानी भरने से जड़ें सड़ रही हैं और पौधे टूट रहे हैं, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा है।
इस आपदा के कारण किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है और उन्हें मंडियों में उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और सरकार ने ‘कृषि इनपुट अनुदान’ देने की घोषणा की है।
सरकार के अनुसार, 20 प्रतिशत तक फसल क्षति पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर और 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और सत्यापन के बाद किसानों को राहत राशि प्रदान की जाएगी।
