सहरसा के सदर अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई है। अल्ट्रासाउंड विभाग में अव्यवस्था और देरी के कारण बुधवार को जमकर हंगामा हुआ, जिससे अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर के देर से पहुंचने की वजह से सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग गई थी। समय बीतने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई और हालात बेकाबू हो गए। कई मरीज और उनके परिजन घंटों इंतजार करने को मजबूर रहे, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता चला गया।
स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब डॉक्टर के आने के बाद भी व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोग अपनी-अपनी समस्या को लेकर परेशान दिखे। कुछ लोग अस्पताल के सुरक्षा गार्ड पर लापरवाही का आरोप लगाते नजर आए, तो वहीं कई लोग आपस में ही उलझते दिखे।
इस दौरान एक मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने के नाम पर 200 रुपये की मांग की जाती है। हालांकि इस आरोप की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह के आरोप सामने आने से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
अल्ट्रासाउंड विभाग में भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण कई मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने के बावजूद उन्हें अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अस्पताल में व्यवस्था सुधार की सख्त जरूरत है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।
