मानव तस्करी के मामलों में एक बार फिर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां प्रेम और नौकरी का झांसा देकर युवतियों को फंसाने का गोरखधंधा सामने आया है। इस बार मामला मानव तस्करी और तथाकथित लव जिहाद के कॉकटेल से जुड़ा बताया जा रहा है। बिहार-नेपाल सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने सतर्कता दिखाते हुए ऐसे ही एक प्रयास को नाकाम कर दिया और दो आरोपियों को एक युवती के साथ गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई मोतिहारी जिले के रक्सौल स्थित भारत-नेपाल मैत्री पुल के पास की गई, जहां एसएसबी के मानव तस्करी विरोधी दस्ते ने चेकिंग के दौरान दो युवकों को एक लड़की के साथ संदिग्ध हालत में पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान मोहम्मद नौशाद मियां और किशन कुमार के रूप में हुई है। मोहम्मद नौशाद मियां नेपाल के परसा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि किशन कुमार पंजाब के लुधियाना का निवासी है।
एसएसबी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशन कुमार सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक के जरिए हिंदू लड़कियों से दोस्ती करता था। इसके बाद वह उन्हें मोहम्मद नौशाद मियां से मिलवाता और प्रेम व शादी का नाटक रचता था। इसी तरीके से दोनों ने इस बार लुधियाना की एक युवती को अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने युवती को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और फिर उसे नेपाल ले जाने की योजना बनाई।
पूछताछ के दौरान मोहम्मद नौशाद मियां ने स्वीकार किया है कि वह युवती को नेपाल ले जाकर बेचने की फिराक में था। वहीं, पीड़ित लड़की ने एसएसबी को बताया कि उसे बहला-फुसलाकर साथ लाया गया था। उसने यह भी कहा कि आरोपियों ने उसे अकेले ही बॉर्डर क्रॉस करने के लिए कहा था, जिससे वह डर गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद नौशाद मियां की कोशिश रहती थी कि हिंदू लड़कियों को ही निशाना बनाया जाए। उसने किशन कुमार के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर दोस्ती, प्यार और शादी का झांसा देकर युवतियों को फंसाने का नेटवर्क तैयार कर रखा था। बताया जा रहा है कि इस मामले में 15 दिसंबर को लुधियाना में युवती के अपहरण को लेकर पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका था।
फिलहाल एसएसबी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और इससे पहले कितनी युवतियां इसका शिकार बन चुकी हैं।
