पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली (TRE-4) को लेकर लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब गुस्से में बदलता जा रहा है। पिछले दो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया लंबित होने के कारण अभ्यर्थियों ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर 31 मार्च तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो वे राज्यभर में उग्र आंदोलन करेंगे।
पटना में रहकर तैयारी कर रहे छात्रों की स्थिति दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। किराया, कोचिंग और खाने-पीने का खर्च बढ़ने से आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके परिवार अब तैयारी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण कुछ छात्र पढ़ाई छोड़कर घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
महिला अभ्यर्थियों की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। सहरसा की बबली कुमारी, जो पटना में रहकर तैयारी कर रही हैं, बताती हैं कि उनके परिवार वाले अब उन्हें घर लौटने के लिए कह रहे हैं। हालांकि, वह अपनी तैयारी पूरी होने का हवाला देकर थोड़ा और समय मांग रही हैं। उनका कहना है कि सरकार को जल्द नोटिफिकेशन जारी कर अभ्यर्थियों को राहत देनी चाहिए।
इस बीच छात्र नेता दिलीप ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री और सरकार ने कई बार तारीखें घोषित कीं, लेकिन हर बार वे फेल साबित हुईं। पहले अगस्त 2025 और फिर सितंबर में परीक्षा कराने की बात कही गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
दिलीप ने बताया कि 18 मार्च को अभ्यर्थियों ने आंदोलन भी किया था, जिसके बाद बीपीएससी अधिकारियों से मुलाकात हुई। आयोग ने स्पष्ट किया कि नई अधियाचना मिलने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अब 31 मार्च को बेगूसराय में बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि अगर समय पर नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ, तो अप्रैल से पटना की सड़कों पर बड़ा आंदोलन होगा।
