नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में भारत के बीच जारी संघर्ष के बीच स्टॉक और प्लांट को लेकर उठती रही मशीनरी पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल में कोई कमी नहीं है और लोगों को पैनिक शॉक से बचना चाहिए।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा-मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि स्थिर वैश्विक परिदृश्यों को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन कच्चे तेल के स्टॉक खत्म होने जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में पैनिक शॉक तेजी से बढ़ा है। पहले जहां करीब 7.5 से 7.6 मिलियन का आंकड़ा हो रहा था, वहीं अब यह उछाल करीब 8.8 मिलियन तक पहुंच गया है।

सुजाता शर्मा ने निजीकरण से अपील करते हुए कहा कि लोगों को सिर्फ गैस पाइपलाइन बुक करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि शॉकेल फेल की कुछ रिकॉर्डिंग सामने आ रही थी, लेकिन इसका कारण ऑक्सफोर्ड में कमी नहीं बल्कि तकनीकी समस्याएं और अचानक भयानक कॉल्स की संख्या थी। अब सिस्टम को रिव्यू कर दिया गया है और अधिकांश कॉल अपॉइंटमेंट के लिए जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर लिया गया है।

सरकार ने यह भी बताया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और क्रूड ऑयल की मशीनरी मौजूद है। पेट्रोल होने और डीजल के मामले में कहीं भी स्ट्रेंथ के किसी भी स्क्रैप का स्टॉक खत्म होने की सूचना नहीं है।

अज़ाब को लेकर भी सरकार ने कदम उठाए हैं। राज्य के निजीकरण के साथ-साथ शेयरधारकों की तय मात्रा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि निजीकरण के लिए शेयरधारकों को अनुमति दी जा सके। अवलोकन 29 राज्यों और केंद्र में सम्मिलित योजनाओं का वितरण शुरू हो गया है।

इसके अलावा, पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि फारस की खाड़ी से दो भारतीय आकाशगंगा जहाज-शिवालिक और नंदा देवी-सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन खिलाड़ियों में करीब 92,700 मक्के की टनल की लादी है, जो 16 और 17 मार्च को मुंद्रा और स्कैंडला बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति जारी है और स्टेशनों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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