भागलपुर जिले के नवगछिया में सामाजिक समरसता और मानवता की मिसाल पेश करते हुए नि:शुल्क सामूहिक विवाह कार्यक्रम का तीसरा संस्करण आयोजित होने जा रहा है। यह कार्यक्रम लगातार तीन वर्षों से नवगछिया के प्रसिद्ध तेतरी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित किया जा रहा है, जहां अनाथ, विकलांग, आर्थिक रूप से कमजोर और अंतरजातीय विवाह को प्राथमिकता दी जाती है।
इस आयोजन में कुल 25 वर-वधू जोड़ों का विवाह पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया जाएगा। इस वर्ष भी भागलपुर, बांका, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, बेगूसराय और लखीसराय सहित विभिन्न जिलों से आए जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर ली है।
कार्यक्रम की खास बात यह है कि विवाह के बाद सभी जोड़ों को विदाई स्वरूप दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री दी जाती है। इसमें शादी की पूरी व्यवस्था, बारात के लिए नाश्ता और भोजन, दुल्हन के श्रृंगार का सामान, एक महीने का राशन जैसे आटा, चावल, दाल, मसाले, बर्तन सेट, बड़ा बक्सा, बाल्टी सेट सहित अन्य घरेलू सामग्री शामिल है।
इतना ही नहीं, सभी नवविवाहित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक-एक सिलाई मशीन भी दी जाती है, ताकि वे स्वरोजगार से जुड़ सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
कार्यक्रम संयोजक अनुज चौरसिया ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में नवगछिया पुलिस जिला सहित समाज के सभी वर्गों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। लोगों ने न केवल आर्थिक सहायता दी है, बल्कि आवश्यक सामग्री देकर भी योगदान किया है।
तेतरी गांव के स्थानीय लोगों का भी इस आयोजन में अहम योगदान है, जिससे पूरे कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। साथ ही नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न गांवों से कार्यकर्ता जुटकर इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में लगे हुए हैं।
यह आयोजन न केवल जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रहा है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रहा है।
