बिहार के सहरसा जिले में भूमिहीन महादलित परिवारों की पीड़ा एक बार फिर सामने आई है। जिले के नौहट्टा, सत्तरकटैया, सिमरी बख्तियारपुर समेत कई प्रखंडों से पहुंचे भूमिहीन महादलित परिवारों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।
महादलित परिवारों का कहना है कि वर्षों से वे बिना जमीन के जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उनके पास न तो पक्की छत है और न ही आजीविका का स्थायी साधन। सरकारी योजनाओं में नाम होने के बावजूद अब तक उन्हें भूमि का लाभ नहीं मिल पाया है। इन परिवारों का आरोप है कि जमीन के अभाव में उन्हें सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार तो झोपड़ी या दूसरों की जमीन पर रहने को विवश हैं।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि भूमिहीन महादलित परिवारों को कब तक न्याय मिलता है और उन्हें भूमि का अधिकार मिल पाता है या नहीं।
