मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर थाना परिसर सोमवार को उस वक्त एक अनोखे और भावनात्मक विवाह का साक्षी बना, जब प्रेमी युगल ने थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में सात फेरे लेकर अपने रिश्ते को सामाजिक मान्यता दिलाई। परिजनों की सहमति और पुलिस की मौजूदगी में संपन्न इस विवाह में पुलिसकर्मी, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि बाराती बने नजर आए।
जानकारी के अनुसार, तेघड़ा गांव निवासी 19 वर्षीय पायल कुमारी और भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के छोटी श्रीरामपुर निवासी ब्रजेश कुमार के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था। गांव में रिश्तेदारी के कारण दोनों के बीच संपर्क हुआ, जो समय के साथ गहरे प्रेम में बदल गया। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे, लेकिन परिजनों की रजामंदी न होने के कारण स्थिति जटिल होती चली गई।
23 जनवरी को पायल घर से बाजार जाने की बात कहकर निकली और अपने प्रेमी ब्रजेश के साथ भागलपुर चली गई। इसके बाद 28 जनवरी को युवती के पिता अजय साह ने हवेली खड़गपुर थाना में बेटी के अपहरण और शादी की नीयत से भगाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार प्रेमी युगल की तलाश में दबिश दे रही थी।
सोमवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया, जब प्रेमी युगल स्वयं थाना पहुंचा और पुलिस के समक्ष अपने-अपने बालिग होने से संबंधित वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को थाना बुलाया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद दोनों परिवार विवाह के लिए राजी हो गए।
इसके बाद थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में पूरे विधि-विधान से पायल और ब्रजेश का विवाह संपन्न कराया गया। शादी के दौरान पुलिसकर्मी, परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने बाराती की भूमिका निभाई। मौके पर पंचायत समिति सदस्य मनजीत कुमार, अजय कुमार साह, चंदन कुमार, सच्चीदा मंडल, मदन कुमार, गायत्री देवी, आरती कुमारी, धनंजय शाह और नवनीत कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
यह विवाह न सिर्फ प्रेम और सहमति की जीत बना, बल्कि यह भी दिखा गया कि कानून के दायरे में रहकर सामाजिक समाधान कैसे निकाला जा सकता है। थाना परिसर में गूंजे मंगल गीतों ने इस पूरे मामले को यादगार बना दिया।
