बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और पुलिस मुख्यालय की सख्ती के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी विभाग की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना से सामने आया है, जहां तैनात अपर थानाध्यक्ष (सब-इंस्पेक्टर) अभिनंदन कुमार का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो व्यक्ति एक टेबल के पास आते हैं, जहां पहले से दो लोग कुर्सी पर बैठे हैं। इनमें से एक को नकदी सौंपी जाती है। पैसे लेने के बाद वह व्यक्ति नोटों को गिनता है और फिर अपने बगल में बैठे दूसरे व्यक्ति को थमा देता है। इसके बाद वह पैसे देने वाले को कुछ निर्देश देता नजर आता है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा लेन-देन किसी मामले को रफा-दफा करने या मदद करने के एवज में किया जा रहा था। आरोप है कि एक कथित दलाल के माध्यम से यह रिश्वत दी गई। हैरानी की बात यह है कि आरोपी दारोगा को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी यह पूरी करतूत पास में मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड की जा रही है।
हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने इसे अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला मानते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह को सौंपी गई है।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि तिरहुत रेंज के DIG चंदन कुशवाहा पहले से ही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में यह मामला विभाग की साख पर एक और बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
