भागलपुर जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफआर) का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में आज भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सबौर प्रखंड के राजंदीपुर एवं फड़का पंचायत, सन्हौला प्रखंड के तरार पंचायत सहित कई कार्य स्थलों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने मौके पर चल रहे किसानों के ई-केवाईसी और एफआर कार्य का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं किसानों से बातचीत कर ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, सुविधा और कार्य की गति के बारे में फीडबैक लिया। किसानों ने उन्हें बताया कि आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से प्रक्रिया सरल है और अब इसे मोबाइल ऐप, सीएससी कियोस्क के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी के जरिए घर बैठे भी पूरा किया जा सकता है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि किसी भी किसान को तकनीकी या अन्य कारणों से परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उल्लेखनीय है कि बिहार के सभी प्रखंडों और पंचायतों में किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी और कृषि समन्वयक की ओर से प्रत्येक किसान का ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया पीएम-किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं और सेवाओं को सुचारू रूप से प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। ई-केवाईसी के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण द्वारा किसानों की पहचान का सत्यापन किया जाता है, जिससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगती है।
वहीं फार्मर रजिस्ट्रेशन के तहत आधार, भूमि रिकॉर्ड और किसान की जानकारी को जोड़कर एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में योजनाओं के लाभ का वितरण भी आसान और त्वरित होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने और शेष किसानों को शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जिले का कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
