पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर समर्थक इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी बीच पश्चिम चंपारण से बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने पप्पू यादव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में पप्पू यादव और उनके साथी कैदी वार्ड में रहते हुए वहीं से पूरे बिहार में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करते थे। जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि जिंदगी घूमकर वहीं ले आती है और हर कर्म का हिसाब यहीं चुकाना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अपराध, हत्या और तस्करी जैसे मामलों का हिसाब कानून के सामने देना ही पड़ता है।
दरअसल, पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक पुराने मामले में जारी वारंट के आधार पर पप्पू यादव को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई किसी हालिया घटना से जुड़ी नहीं, बल्कि करीब तीन दशक पुराने प्रकरण से संबंधित है। पुलिस टीम जब मंदिरी स्थित उनके आवास पर पहुंची तो इलाके में हलचल मच गई।
हिरासत में लिए जाने के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि टीम उचित दस्तावेज के बिना पहुंची है। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की बात सामने आई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
शनिवार को अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैदी वार्ड में रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में संभावित है, जहां जमानत याचिका पर बहस हो सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।
