बिहार विधानसभा के बजट सत्र के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इंडियन एक्सक्लूसिव पार्टी के विधायक आईपी गुप्ता ने सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष का एक भी विधायक सत्ता पक्ष के साथ जाने वाला नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता पक्ष के लोग जानबूझकर विपक्ष को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाते रहते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
आईपी गुप्ता ने कहा कि “सत्ता पक्ष के लोगों की आदत बन गई है कि वे विपक्षी विधायकों को लेकर कुछ से कुछ बोलते रहें। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि महागठबंधन पूरी तरह से मजबूत और एकजुट है। हमारा एक भी विधायक सत्ता पक्ष के साथ नहीं जाएगा।” उन्होंने इसे विपक्ष को कमजोर दिखाने की साजिश बताया।
जब विधायक आईपी गुप्ता से बिहार बजट को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बजट को पूरी तरह से निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि “इस बजट में आम जनता को सिर्फ झुनझुना थमा दिया गया है। बजट में न गरीब के लिए कुछ है, न किसान, न युवा और न ही रोजगार के लिए कोई ठोस प्रावधान नजर आता है।” उनका कहना था कि बिहार की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
आईपी गुप्ता ने राज्यपाल के अभिभाषण का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए महज एक मिनट का समय दिया गया, जिसमें उन्होंने अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान भी विपक्ष को पूरी तरह बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सत्ता पक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा, “सत्ता पक्ष के जो सबसे बड़े ज्ञानी विधायक हैं, वे हमारे साथ आकर सिर्फ पांच मिनट डिबेट कर लें। हमने पूरा बजट पढ़ा है। अगर सत्ता पक्ष दावा करता है कि बजट में जनता के लिए कुछ है, तो वे दिखा दें कि आखिर कहां है।”
आईपी गुप्ता ने आगे कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष को सही और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का मौका देंगे, तो वे बजट की सच्चाई को सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है जब महज 12 मिनट में पूरा बजट भाषण निपटा दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया।
