भागलपुर। शहर के गंगा घाटों तक नदी की धारा को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश एक बार फिर थम गई है। बैरिया धार के मुहाने पर चल रहा ड्रेजिंग कार्य रविवार को भी पूरी तरह बंद रहा। इसके कारण गंगा की मुख्य धारा का पानी बैरिया धार होकर तेज रफ्तार में बहते हुए रत्तीपुर बैरिया घाट से होते हुए बूढ़ानाथ मंदिर घाट, मानिक सरकार घाट, विसर्जन घाट और बरारी घाट तक पहुंच रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान मुख्य धारा से सटे बैरिया धार के मुहाने पर लगभग 500 मीटर तक भारी कटाव हुआ है। इसी कटाव के कारण बैरिया धार में अब तक पानी का प्रवाह जारी है। पिछले वर्ष नवंबर की शुरुआत में ही गंगा का बहाव बैरिया धार से रुक गया था, लेकिन इस बार लगातार कटाव ने स्थिति बदल दी है।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अनुसार, करीब चार साल पहले मुख्य धारा से शहर तक आने वाले चैनल का मुहाना गंगा नदी से लगभग तीन किलोमीटर दूर था। किंतु 2022 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में तेजी से कटाव हुआ और लगभग तीन किलोमीटर भूमि नदी में समा गई। वर्तमान में रत्तीपुर बैरिया के सामने गंगा की धारा सीधी टकराव की स्थिति में है, जिससे कटाव और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैरिया धार के मुहाने पर गंगा की गहराई लगभग 10 मीटर है, जबकि धार के अंदर प्रवेश करने वाले हिस्से की गहराई मात्र दो मीटर ही बची है। जैसे ही गर्मियों में गंगा का जलस्तर घटेगा, बैरिया धार में पानी का प्रवाह धीरे-धीरे कम होते-होते पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके बावजूद धार के मुहाने के आसपास कटाव रुकने के आसार कम हैं।

स्थानीय भूगर्भीय संरचना भी चिंता बढ़ा रही है। धार के मुहाने में जहां गहराई घटकर दो मीटर रह गई है, उसके ठीक नीचे सफेद बालू की मोटी परत मौजूद है। यह बालू कटाव को और अधिक संवेदनशील बनाती है। यदि कटाव की प्रक्रिया यूं ही चलती रही, तो भविष्य में शहर के घाटों तक पानी का स्थायी प्रवाह बनाए रखना और कठिन हो जाएगा।

ड्रेजिंग कार्य के बार-बार रुकने से स्थानीय निवासियों में भी नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जब तक लगातार और वैज्ञानिक तरीके से काम नहीं होगा, तब तक गंगा की मुख्य धारा को शहर की ओर मोड़ने का लक्ष्य अधूरा ही रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *