भागलपुर में आज शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया, जहां जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर माध्यमिक शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में जिले भर से आए शिक्षकों की भारी भीड़ देखने को मिली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन विभाग द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में हिंदी विद्यापीठ, देवघर से उपाधि प्राप्त शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही ‘राघवेंद्र शर्मा बनाम बिहार सरकार’ मामले के आलोक में प्रोन्नति प्रक्रिया को लागू करने की भी जोरदार मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बताया कि उनकी कुल 9 सूत्री मांगें हैं, जिनमें प्रोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, सेवा शर्तों में सुधार करना और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करना शामिल है। उनका आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
धरना के दौरान शिक्षक संघ के नेताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्य स्तर पर भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल शिक्षकों का यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक शिक्षकों की मांगों पर निर्णय लेता है या फिर यह विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप लेता है।
