सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एनपीएस गोरी मुसहरी, सलखुआ विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षक दिलीप कुमार (42 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दिलीप कुमार स्वर्गीय सुखदेव हाजरा के पुत्र थे। बताया गया कि गुरुवार की सुबह वह विद्यालय जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, दिलीप कुमार का उटेसरा वार्ड संख्या-5 निवासी दिनेश यादव, लल्टू यादव और लालू यादव के साथ विवाद था। यह विवाद जमीन से संबंधित था और पहले से अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज था। परिवार का आरोप है कि आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आया था और उसी ने दिलीप कुमार की हत्या की। आरोप है कि हत्या के बाद उनका शव कोशी बांध के पास फेंक दिया गया।
स्थानीय लोगों ने कोशी बांध के पास दिलीप कुमार को अचेत अवस्था में देखा और तुरंत परिजनों व पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिलीप कुमार अपने पीछे दो बेटों और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में भी भारी शोक व्याप्त है।
पुलिस ने घटना के बाद तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिजनों के आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है। साथ ही, शव का पोस्टमार्टम कराकर हत्या के कारणों का पता लगाया जाएगा।
स्थानीय लोग इस घटना से सकते में हैं और उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
यह घटना इलाके में सुरक्षा और आपसी विवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है। फिलहाल पूरे सलखुआ थाना क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या घटना को रोका जा सके।
