पूर्णिया के नावेद अख्तर बाइक एंबुलेंस बनाकर लोगों को निःशुल्क सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। नावेद के इस पहल की चारों ओर लोग चर्चा कर रहे हैं। नावेद ने हीरो का ग्लैमर मोटरसाइकिल को एंबुलेंस में तब्दील कर दिया है। बाइक के बगल में एक 5×7 का बॉक्स बनाया है। मरीज इस बॉक्स के भीतर लगाए गए बेड पर सो सकते हैं। एंबुलेंस की तरह बेड पर मरीज को सुला कर एक जगह से दूसरे जगह आसानी से नावेद पहुंचाते हैं।

इस बाइक एंबुलेंस का नाम नावेद ने राजा एंबुलेंस रखा है। सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध है। दो मोबाइल नंबर भी इसके लिए जारी किया गया है। सेवा शुल्क के नाम पर नावेद मरीजों से महज एक रुपए चार्ज करते हैं। मरीजों को गूगल पे के माध्यम से सेवा शुल्क अदा करना होगा। इन दिनों नावेद खुद एम्बुलेंस चला रहे हैं।

विशेष तौर पर स्थानीय लोगों के लिए बाइक एंबुलेंस बेहद फायदेमंद है। नावेद ने दैनिक भास्कर को बताया कि पूर्णिया शहर में सरकारी अस्पताल और दो सौ से ज्यादा नर्सिंग होम और जांच घर है। एक जगह से दूसरे मरीज अस्पताल या जांच घर ले जाने में काफी जद्दोजहद होता है। निजी एम्बुलेंस वाले मनमानी रूपया चार्ज करते हैं। एक से दो किलोमीटर के लिए ही मरीजों से हजारों रुपए की वसूली की जाती है। कई मरीज को तो खुद स्ट्रेचर पर रखकर एक से दूसरे जगह जाना होता हैं। इसी को देखते हुए बाईक एंबुलेंस की शुरुआत की गई है, इसके लिए गूगल पे के माध्यम से मात्र एक रुपया देना होता है।

नावेद ने फेसबुक पर देखकर दोस्त के सहयोग से बाइक एंबुलेंस बना दिया। नावेद ने 20 दिन पहले बाइक एंबुलेंस सर्विस की शुरुआत की। 12 मरीजों को वे अब तक पहुंचा चुके हैं। माधोपाडा के मो. इस्तीयाक बताते हैं कि मंगलवार को रात के करीब 12 बजे पिताजी की तबीयत बिगड़ गई। उस वक्त मदद के लिए नावेद अपने बाइक एंबुलेंस लेकर पहुंचे।

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