भागलपुर, बिहार में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। यह घटना अब कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर जहां पुलिस, एसआईटी और गृह विभाग मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
इसी क्रम में भागलपुर के समाहरणालय चौक पर भारतीय मानवाधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने घटना की निष्पक्ष व त्वरित जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई होती, तो शायद इतनी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और दोषियों को कानून के कठघरे में लाने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसआईटी जांच में जुटी हुई है। हालांकि अब तक जांच के परिणाम को लेकर आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। इस बीच जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच कब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती है और आरोपियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
