बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर कयासों का दौर जारी है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन जेडीयू नेताओं के मुताबिक 10 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे, जबकि 8 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है। इसे मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक माना जा रहा है। चर्चा है कि दिल्ली से लौटने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
दिल्ली से वापसी के बाद 12 अप्रैल को विधानमंडल दल की बैठक हो सकती है, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि खरमास के बाद यानी 14 अप्रैल के बाद कभी भी नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि नई सरकार को लेकर जो भी तारीखें सामने आ रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। अंतिम फैसला एनडीए के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई सरकार ‘सात निश्चय-3’ के एजेंडे पर ही चलेगी।
इस बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। वहीं जेडीयू के कुछ विधायक को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी के भीतर अलग-अलग समीकरण बनते दिख रहे हैं।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि 10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्यता लेने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तेज होगी। दिल्ली दौरे के दौरान उनकी बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात भी अहम मानी जा रही है, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
