सुपौल जिले के निर्मली नगर में मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सर्वे अमीन विक्रम कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नाग मंदिर के पास हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मरौना अंचल क्षेत्र के खोरमा गांव निवासी रिटायर्ड दफादार जय नारायण यादव से जमीन सर्वे के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि सर्वे अमीन ने कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने रकम दो किश्तों में देने का प्रस्ताव रखा।
तय योजना के तहत, मंगलवार को पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेने के लिए जय नारायण यादव को नाग मंदिर के पास बुलाया गया, जहां निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर अमीन कुमार को पकड़ लिया।
निगरानी विभाग पटना के पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पटना ले जाया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ और कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने निर्मली नगर के वार्ड 1 स्थित बद्री नारायण साह के मकान में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। वहीं से रिटायर्ड दफादार को बुलाकर रुपये प्राप्त किए गए।
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है और इससे रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि निगरानी विभाग लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रहा है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। इस गिरफ्तारी के बाद यह साफ संदेश गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवैध लाभ लेने की कोशिश करेगा, तो कानून उसे बख्शेगा नहीं।
बाइट:
“सुपौल में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कदम उठाया। रिश्वत लेते हुए सर्वे अमीन को गिरफ्तार किया गया, यह संदेश है कि अब रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं होगी।”
— नरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी विभाग पटना
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