नवगछिया के श्री लाल जी उत्क्रमित विद्यालय, मकनपुर परीक्षा केंद्र पर मैट्रिक परीक्षा के दौरान एक छात्रा अचानक बेहोश हो गई। बेहोश छात्रा की पहचान चंद्रावती कुमारी के रूप में हुई है, जो हरियो मध्य विद्यालय की छात्रा बताई जा रही है। घटना के बाद केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उपस्थित शिक्षकों की मदद से छात्रा को तुरंत नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।


अभिभावकों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया जाता है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वास्थ्य टीम या चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। लेकिन संबंधित परीक्षा केंद्र पर उस समय कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। अगर शिक्षक समय पर तत्परता नहीं दिखाते, तो छात्रा की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।


मैट्रिक परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। परीक्षा के दौरान मानसिक दबाव, भीड़ और मौसम की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता बेहद आवश्यक मानी जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य टीम की अनुपस्थिति प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करती है। अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड स्तर पर जब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।


घटना के बाद प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी परीक्षा केंद्रों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और मामले की जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।


फिलहाल यह घटना परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर क्या ठोस सुधार किए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *