सहरसा में कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों के पुलिस अधीक्षक सहित सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मुख्यालय डीएसपी, साइबर एवं यातायात शाखा के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लंबित कांडों की समीक्षा और उनके त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करना रहा।
डीआईजी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलों को मासिक लक्ष्य निर्धारित कर कम-से-कम 25 प्रतिशत अधिक कांडों के निष्पादन का निर्देश दिया। इसके साथ ही थानों में आगंतुक पंजी के सही संधारण और आम लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से 3 अप्रैल 2026 से सहरसा में “पीपुल फ्रेंडली अभियान” शुरू करने की घोषणा की गई। इस अभियान के तहत थानों में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने और छोटे बच्चों के लिए बिस्किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि थाना परिसर में आने वाले लोगों को सहज और सकारात्मक अनुभव मिल सके।
इसके अलावा, बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों को विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। डीआईजी ने कहा कि समाज में अपराध रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
बैठक के अंत में पिछले तीन महीनों के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और बेहतर कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की उम्मीद जताई गई।
