बिहार के गोपालगंज जिले में अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर रोक के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। फाउंडेशन पवन कुमार सिन्हा ने मंगलवार से सभी जिलों के 90 पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल स्थापित करने का निर्देश दिया है।

टीचर्स ने स्पष्ट किया कि अब पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बिक्री पर्यवेक्षण में होगी। बोतल या डिब्बों में जेल सप्लाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और बोतल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्पाद पदार्थ अत्यंत ज्वलनशील हैं और अवैध भंडार से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

नॉर्वेजियन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इज़राइल तनाव और आपदाओं के कारण आपूर्ति कीआवश्यकता के कारण लोग अधिक जल संग्रहण करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने जनता को भरोसा दिलाया है कि जिलों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। घरेलू गैस की स्थिति भी सामान्य है, बावजूद इसके लोगों की भीड़ लगी हुई है।

पवन कुमार सिन्हा ने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आवश्यकतानुसार ही जिंदादिली की अपील की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंसोल से ही गैस अप्लाई लें और बिना नंबर के अप्रूवल लेने से बचें। अफवाह फैलाना, कालाबाजारी करना या फिर गैंगस्टर का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीक्वल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। रेटिंग एजेंसी कैरेज ग्लोबल के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत में वजन अनुपात 0.60% तक बढ़ सकता है। पश्चिम एशिया में भारत के तेल पोर्टफोलियो के कारण, वहां तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब परफॉरमेंस पर पड़ सकता है।

कच्चे तेल और अन्य कच्चे माल की खेती से लेकर बोतल बंद पानी, तेल, नमक के दाम तक की मात्रा बढ़ सकती है। इसके अलावा एसी, फ़िरोज़ जैसे कंजूमर ड्यूरेबल और नॉन-मार्जिकल मेडिकल आइटम पर भी असरदार पैड हो सकता है। प्रशासन की निगरानी और निगरानी के बावजूद जनता से संयम की अपील की गई है।

 

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