गोपालपुर। इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के कमलाकुंड में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सातवें व अंतिम दिन भक्तिमय वातावरण अपने चरम पर पहुंच गया। कथा के समापन अवसर पर कथावाचक प्रेम शंकर भारती ने चारों वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की विस्तृत व्याख्या करते हुए भगवान राधा-कृष्ण की होली का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।


उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी दुखों का नाश होता है और जीवन जीने की सही दिशा मिलती है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य प्रेम, असीम करुणा और उनकी विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता और व्यभिचार को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रेम, सद्भाव और नैतिक आचरण से ही एक सुंदर समाज का निर्माण संभव है।


अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख लीलाओं जैसे रास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इन प्रसंगों ने उपस्थित लोगों को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।


इस दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु ताल और धुन पर झूमते नजर आए। पूरा पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। कथावाचक ने गीता के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो कार्य प्रेम और करुणा से संभव है, वह हिंसा से कभी संभव नहीं हो सकता।


कार्यक्रम के सफल आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने इस सात दिवसीय अनुष्ठान का भरपूर आनंद देखने को मिला।

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