भागलपुर के डीआरडीए परिसर में पुलिस जिला नवगछिया और बांका के इंस्पेक्टर एवं दरोगाओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित और विधिसम्मत निष्पादन को सुनिश्चित करना तथा न्यायिक प्रक्रिया को गति देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया और मामलों के प्रभावी प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों को समझा।
प्रशिक्षण सत्र में रिटायर्ड जज विष्णु कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय कानून में लगभग 40 ऐसी धाराएं हैं, जिनके अंतर्गत आने वाले मामलों का निष्पादन थाना स्तर पर ही किया जा सकता है। यदि इन मामलों का समयबद्ध और सही तरीके से निपटारा कर लिया जाए, तो अदालतों में लंबित मामलों का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे न्यायालयों में गंभीर मामलों की सुनवाई पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।
सत्र के दौरान अधिकारियों को व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामलों का समाधान किया जाए। दस्तावेजीकरण, साक्ष्य संकलन, समझौता प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रणाली को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई किस प्रकार की जाए, ताकि आम नागरिकों का पुलिस और न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो।
इस पहल से न केवल न्यायिक प्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि आम लोगों को भी त्वरित राहत मिलेगी। थाना स्तर पर मामलों के प्रभावी निष्पादन से समय और संसाधनों की बचत होगी तथा अनावश्यक मुकदमों की संख्या में कमी आएगी। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक दक्ष और जवाबदेह बन सके।
