उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसा भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां एक शादी समारोह में भारतीय सेना के जवानों ने अपने दिवंगत साथी की बेटी की शादी में पिता की जिम्मेदारी निभाकर मिसाल पेश की।
दरअसल, बागपत के काठा गांव के रहने वाले हवलदार हरेंद्र सिंह भारतीय सेना की 21 जाट रेजीमेंट में तैनात थे। वर्ष 2020 में अरुणाचल प्रदेश में पोस्टिंग के दौरान एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। परिवार में पत्नी अमृता, बेटी प्राची और दो बेटे हर्षित और अक्षित हैं। हालांकि इस मुश्किल समय में सेना के उनके साथी लगातार परिवार के साथ खड़े रहे।
समय बीतने के साथ जब हरेंद्र सिंह की बेटी प्राची की शादी तय हुई तो परिवार ने उनके रेजीमेंट के सैनिकों को भी शादी का निमंत्रण भेजा। निमंत्रण मिलते ही जवानों ने फैसला किया कि वे अपने साथी की बेटी को पिता की कमी महसूस नहीं होने देंगे। इसी संकल्प के साथ 21 जाट रेजीमेंट के कैप्टन, सूबेदार और कई अन्य जवान विशेष रूप से छुट्टी लेकर 9 मार्च को काठा गांव पहुंचे।
शादी के दिन सैनिकों ने परिवार के सदस्य की तरह हर जिम्मेदारी संभाली। बारात के स्वागत से लेकर विवाह की सभी रस्मों तक उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लेकिन सबसे भावुक पल उस समय आया जब जयमाल की रस्म शुरू हुई।
जवान फूलों की चादर लेकर दुल्हन प्राची के पास पहुंचे और उसे स्टेज तक ले जाने के लिए अपनी हथेलियां बिछा दीं। प्राची सैनिकों की हथेलियों पर कदम रखते हुए स्टेज तक पहुंची और जयमाल की रस्म पूरी की। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा।
इतना ही नहीं, सैनिकों ने मिलकर कन्यादान की रस्म भी निभाई और बेटी के आशीर्वाद स्वरूप 6 लाख 50 हजार रुपये की राशि भेंट की।
विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया। जब प्राची अपने ससुराल के लिए रवाना हुई तो वहां मौजूद सैनिकों की आंखें भी नम हो गईं। यह घटना न सिर्फ सेना की भाईचारे की भावना को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि फौज में साथी सिर्फ सहकर्मी नहीं बल्कि परिवार होते हैं।
