धनबाद जिले में स्मार्ट बिजली मीटर अब लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनता जा रहा है। बुधवार को शहर के कई इलाकों में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई, जिससे सैकड़ों परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
हीरापुर इलाके की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां एक ही फीडर से जुड़े सैकड़ों घरों की बिजली एक साथ काट दी गई। बिजली गुल होते ही गुस्साए उपभोक्ता बड़ी संख्या में हीरापुर स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि विभाग की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी गई, जो पूरी तरह से गलत है।
प्रदर्शन कर रहे एक उपभोक्ता ने बताया कि उनके घर में करीब चार महीने पहले स्मार्ट मीटर लगाया गया था, लेकिन अब उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल थमा दिया गया। बिल की शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ और अंततः बिजली कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने विभाग पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया।
वहीं, अन्य उपभोक्ताओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे समय पर बिल भुगतान कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी बिजली काट दी गई। कुछ लोगों ने बताया कि स्मार्ट मीटर में रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं बिजली विभाग का लिंक फेल होने के कारण भुगतान भी संभव नहीं हो पा रहा है।
लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से लगातार अनियमित और ज्यादा बिल आ रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। बिना जांच-पड़ताल के कनेक्शन काटे जाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
हैरानी की बात यह रही कि जब इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला।
अब बड़ा सवाल यह है कि स्मार्ट मीटर लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए हैं या फिर उनकी परेशानियों को और बढ़ाने के लिए।
