भागलपुर के एसएम कॉलेज के जूलॉजी विभाग की यूजी सेमेस्टर–5 की छात्राओं को इंटर्नशिप के दूसरे दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सफाली संस्थान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स निकालने की प्रक्रिया सिखाई गई।

 

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को शरीर के वजन और ऊंचाई के आधार पर बीएमआई की गणना करने की विधि समझाई गई। इस मौके पर सफाली संस्थान के अध्यक्ष, न्यूट्रीशन सोसाइटी ऑफ इंडिया भागलपुर चैप्टर के संयोजक और जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति प्रो. फारूक अली ने छात्राओं को विस्तार से बीएमआई की उपयोगिता और महत्व के बारे में जानकारी दी।

 

प्रो. फारूक अली ने बताया कि बीएमआई किसी व्यक्ति की ऊंचाई और वजन के आधार पर उसके दुबलेपन या मोटापे का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि किसी व्यक्ति का वजन उसकी ऊंचाई के अनुसार स्वस्थ है या नहीं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता के लिए बीएमआई की जानकारी बेहद जरूरी है।

 

इस दौरान छात्राओं को ब्लड ग्रुप की पहचान करने की प्रक्रिया भी बताई गई। साथ ही रक्तदान के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि रक्तदान एक महादान है, जिससे कई जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान कुछ छात्राओं ने दोबारा अपना ब्लड ग्रुप भी जांच कराया।

 

इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में जूलॉजी विभाग की करीब 50 छात्राएँ भाग ले रही हैं। कार्यक्रम के दौरान तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार दिनकर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गुलफ्शा परवीन ने किया।

 

वहीं इंटर्नशिप में शामिल प्रतिभागी कोमल कुमारी और कृति कुमारी ने अपना फीडबैक प्रस्तुत करते हुए कहा कि क्लासरूम के बाहर इस तरह का प्रशिक्षण और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम स्किल डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सफाली संस्थान द्वारा उन्हें नई-नई जानकारियां सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों रूपों में सिखाई जा रही हैं।

 

इंटर्नशिप के माध्यम से छात्राएँ शरीर विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर रही हैं, जो उनके भविष्य के अध्ययन और करियर के लिए भी उपयोगी साबित होंगी।

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