बिहार के रेल मंडल के सामने यात्रियों के लिए एक अहम खबर आई है। के कॉलेज मंडल के अंतर्गत आने वाले छह प्रमुख रेलवे रेलवे के नाम के साथ अब “जंक्शन” शब्द जुड़ेंगे। इस संबंध में रेलवे मुख्यालय की ओर से वाणिज्यिक अधिसूचना जारी की गई है। यह परिवर्तन 15 मार्च 2026 से प्रभावशाली होगा।

फुले रेल डिवीजन के मीडिया प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि मंडल की सोसायटी के आधार पर स्टीक्रिटी ने इन इंडस्ट्री के नाम के साथ “जंक्शन” शब्द जोड़कर मंजूरी दे दी है। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने सभी संबंधित विवरणों को अपने-अपने सिस्टम, आर्किटेक्चर, टिकटिंग, वाणिज्यिक और व्यावसायिक रिकॉर्ड में नया नाम अपडेट करने के निर्देश जारी किए हैं।

अधिसूचना के अनुसार जिन स्टेशनों के नाम में बदलाव किया गया है, उनमें हसनपुर रोड, रेलवे स्टेशन, सरायगढ़ और सुपौल समेत कुल छह स्टेशन शामिल हैं। अब इन देशों के नाम के साथ आधिकारिक रूप से “जंक्शन” शब्द जोड़ा जाएगा।

रेल प्रशासन के अनुसार इस बदलाव से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। रेलवे के नाम के साथ जंक्शन शब्द से यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह स्टेशन एक से अधिक रेल जंक्शन के संगम स्थल हैं। इससे यात्रियों को रेल संपर्क और रूट की बेहतर जानकारी प्राप्त होती है।

हालाँकि रेलवे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इन मेडिसिन के वर्णमाला कोड (वर्णमाला कोड) और संख्यात्मक कोड (संख्यात्मक कोड) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल स्टेशन के नाम में “जंक्शन” शब्द जोड़ा गया है।

रेलवे अधिकारियों का मानना ​​है कि इस फैसले से संबंधित रेलवे नेटवर्क की पहचान और मजबूती होगी। साथ ही भविष्य में इन मालदीव पर माल के स्वामित्व, निवेश और पर्यटक पर्यटन के विस्तार की भी संभावना है।

रेल प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी उपलब्धता के अनुसार इस बदलाव को सुनिश्चित कर लें, ताकि यात्रियों के बीच किसी भी प्रकार की सुविधा न हो।

रेलवे का कहना है कि इस कदम से रेल संचालन, यात्रियों को मिलने वाली जानकारी और यात्रा व्यवस्था और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। 🚆

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