जमुई से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के 2026 परीक्षा परिणाम में एक बार फिर से सिमुल ताला आवासीय विद्यालय ने अपना परचम लहराया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे इस स्कूल ने इस बार सीधे राज्य टॉपर बनकर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।
सिमुलतला आवासीय विद्यालय के संस्थापक पुष्पांजलि कुमारी ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। बांका जिले के गोपालपुर गांव की रहने वाली पुष्पांजलि एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि माँ गृहिणी हैं। सीमित संस्थागत के बावजूद भी परिवार ने शिक्षा को संवैधानिक दिया, जिसका परिणाम आज पूरे राज्य के सामने है।
पुष्पांजलि ने बताया कि पांचवीं कक्षा में ही उन्होंने सिमुलतला स्कूल के बारे में सुना था, जिसे लोग ‘टोपर की माला’ कहते हैं। तभी उन्होंने यहां पढ़ा और टॉपर बनने का सपना देखा। उन्होंने प्रवेश परीक्षा पास कर स्कूल में दाखिला लिया और आज अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनका अगला सपना वैज्ञानिक बनने का है।
इस साल सिमुलतला का अवलोकन सिर्फ टॉपर तक सीमित नहीं रह रहा है। स्कूल के अभिनव कुमार ने छठा और सुरभि कुमारी ने दसवां स्थान हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई है। इसमें बताया गया है कि सफलता किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि संस्थान की मजबूत शैक्षिक प्रणाली का परिणाम है।
वर्ष 2010 में इसे विद्यालय गुरुकुल पद्धति एवं अनुशासन निर्देशन के लिए स्थापित किया गया। यहां कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा दी जाती है और पर्वतीय विद्यालयों पर ध्यान देकर तैयारी की तैयारी की जाती है।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन में गिरावट का आकलन किया गया था, लेकिन 2026 के नतीजों में सिमुलतला की ताकत वापसी का संकेत है। एक बार फिर यह साबित हो गया है कि इस संस्थान में सही दिशा-निर्देश, निर्देश और मेहनत की ‘टॉपर की ताकत’ की अपनी पहचान में प्रवेश की व्यवस्था पूरी तरह से सक्षम है।
