सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी 2026 को हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस घटना में एक 13 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।

 

पुलिस द्वारा गठित एसआईटी टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मानव स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर इस कांड की गहन जांच की। जांच के दौरान अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

 

पुलिस के अनुसार इस घटना के पीछे पुराना विवाद और आपसी रंजिश मुख्य वजह रही। जांच में सामने आया कि आरोपी राजीव कुमार उर्फ बबुआ ठाकुर का अपनी पत्नी के साथ अक्सर विवाद होता था, जिसमें वादी अनुज कुमार निराला हस्तक्षेप किया करते थे। इसी बात से नाराज होकर राजीव कुमार ने अपने भाई रंजन ठाकुर के साथ मिलकर वादी की हत्या की साजिश रची।

 

साजिश को अंजाम देने के लिए दोनों ने अपने पड़ोसी पारस ठाकुर से संपर्क किया और उसे हत्या की सुपारी दी। वहीं पारस ठाकुर का भी वादी के साथ रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस कारण उसने भी इस साजिश में शामिल होकर अपने पड़ोसी पवन ठाकुर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

 

जांच में यह भी सामने आया कि पवन ठाकुर और उसके परिजनों का वादी के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद था। बदला लेने की नीयत से उन्होंने करीब चार महीने तक वादी की गतिविधियों पर नजर रखी। वारदात को अंजाम देने के लिए पवन ठाकुर ने राजीव से लगातार संपर्क बनाए रखा और इसके लिए उसे नया मोबाइल और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया गया था।

 

पुलिस का कहना है कि इस कांड को पूरी तरह योजनाबद्ध और संगठित तरीके से अंजाम दिया गया था। एसआईटी की जांच में आरोपियों की मंशा, योजना और साजिश के सभी पहलुओं का खुलासा हो गया है।

 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में उत्कृष्ट अनुसंधान और साक्ष्य संकलन के लिए जांच टीम को पुरस्कृत भी किया जाएगा। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *