टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की और इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक बने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन। संजू ने न सिर्फ फाइनल में तूफानी पारी खेली, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। अब क्रिकेट जगत में यह सवाल उठने लगा है कि क्या चयनकर्ता संजू सैमसन को वनडे टीम में भी नियमित मौका देंगे।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले खराब फॉर्म के कारण संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। लेकिन सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद उन्हें टीम में दोबारा मौका मिला। इसके बाद संजू ने जिस अंदाज में वापसी की, उसने सभी को चौंका दिया। उन्होंने अकेले दम पर टीम इंडिया को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई।
फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 5 चौके और 8 छक्कों की मदद से 89 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इससे पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने 42 गेंदों में 89 रन बनाए थे। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में संजू ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। पूरे टूर्नामेंट में खेले गए 5 मैचों में उन्होंने 199 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
सिर्फ टी20 ही नहीं, वनडे क्रिकेट में भी संजू सैमसन का रिकॉर्ड काफी दमदार रहा है। उन्हें अब तक 16 वनडे मैच खेलने का मौका मिला है, जिनकी 14 पारियों में उन्होंने 56.67 की शानदार औसत से 510 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक भी लगाए हैं। दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पार्ल में खेले गए मैच में उन्होंने 114 गेंदों पर 108 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी।
वहीं वनडे टीम में बैकअप विकेटकीपर के तौर पर अक्सर ऋषभ पंत को मौका मिलता है। हालांकि पंत का वनडे रिकॉर्ड संजू सैमसन की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है। पंत ने 31 वनडे मैचों की 27 पारियों में 33.5 की औसत से 871 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
ऐसे में अब सवाल यही है कि टी20 वर्ल्ड कप के इस शानदार प्रदर्शन के बाद क्या चयनकर्ता संजू सैमसन को वनडे टीम में भी स्थायी मौका देंगे।
