बिहार : बिहार के रेलवे बोर्ड में इन दिनों बेटिकट यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। रेलवे प्रशासन द्वारा विभिन्न रेलखंडों पर विशेष टिकट वितरण अभियान जारी है। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों को वैध टिकट लेकर यात्रा करने के लिए परामर्श देना और बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना है।
रेल मंडल के राष्टï्रपति विभाग के प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड की अलग-अलग रूटों और बाजारों पर अलग-अलग रूटों पर ऑपरेशन चलाया गया। चार दिनों तक चले इस विशेष अभियान में बड़ी संख्या में बिना टिकट और पासपोर्ट वाले यात्रियों को पकड़ा गया। इस दौरान कुल 11,701 बेटिकट और पासपोर्ट यात्री टिकटें जांच के दौरान पकड़ी गईं। इन यात्रियों से रेलवे के रूप में कुल 81.03 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
रेलवे द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार 10 मार्च को अभियान के पहले दिन सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। इस दिन टिकट बुकिंग के दौरान 4,495 बेटिकट और टिकट यात्री पकड़े गए, दिवालियापन के रूप में 34.05 लाख रुपये वसूले गए।
इसके बाद 11 मार्च 2026 को भी बुक्स और फार्मासिस्टों पर नोटबुक्स जांच अभियान जारी किया जा रहा है। इस दिन जांच के दौरान 2,220 यात्री बिना टिकट यात्रा किए पकड़े गए। इनवेस्टमेंट के रूप में कुल 15.03 लाख रुपये की बर्बादी हुई।
12 मार्च को भी रेलवे की जांच रिपोर्ट में विभिन्न रूटों पर अभियान क्रम जारी किया गया। इस दौरान 2,305 बेटिकट और यात्री यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनसे 15.18 लाख रुपए की वसूली की गई।
वहीं 13 मार्च को अभियान के चौथे दिन 2,681 यात्रियों को बिना टिकट या पासपोर्ट टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इस दिन रेलवे को दिवालिया के रूप में लगभग 16.77 लाख रुपये की आय हुई।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट या डाक टिकट के साथ यात्रा करने पर रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे ही पासपोर्ट टिकट जांच अभियान जारी रहेगा।
