सहरसा जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिले के सभी पुलिस थानों में अब प्रतिदिन रोल कॉल-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
इन बैठकों में लंबित कांडों की विस्तार से समीक्षा की जा रही है। प्रत्येक मामले की प्रगति, अनुसंधान की स्थिति और निष्पादन की समयसीमा पर विशेष चर्चा होती है। साथ ही गिरफ्तारी, वारंट, इश्तेहार और कुर्की के निष्पादन की अद्यतन जानकारी ली जा रही है, ताकि वांछित अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान नियमित पेट्रोलिंग की समीक्षा भी की जाती है। किन क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने की आवश्यकता है, किन संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखनी है—इन सभी बिंदुओं पर निर्देश दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को नवीनतम कानूनों और प्रावधानों की जानकारी से अद्यतन रखा जा रहा है, ताकि वे बदलते कानूनी ढांचे के अनुरूप कार्य कर सकें।
डिजिटल माध्यम से किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की स्थिति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की जा रही है। केस डायरी, ऑनलाइन डेटा एंट्री और तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे अनुसंधान प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी।
यह पहल Bihar Police के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है, जिसमें गृह विभाग, बिहार सरकार और जनसंपर्क विभाग का समन्वय भी शामिल है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन दैनिक बैठकों से न केवल लंबित मामलों का त्वरित निपटारा होगा, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा भी मजबूत होगी। सहरसा पुलिस का लक्ष्य है—सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और जनता के साथ विश्वासपूर्ण संबंध।
