सहरसा में एक कार्यक्रम के दौरान इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी के विधायक आईपी गुप्ता ने बिहार की राजनीति और प्रशासन को लेकर तीखा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है।
आईपी गुप्ता ने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार आने वाली है और इसका असर अभी से देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो अधिकारी पिछले 20 साल से अवैध तरीके से पैसा कमा रहे थे, वे अब भाजपा के डर से दिल्ली भागने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे यह पता है कि बिहार में कौन-कौन अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल हैं। ऐसे सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि नई सरकार बनने के बाद कम से कम एक साल तक गंभीरता से काम होगा और सिस्टम को सुधारने की कोशिश की जाएगी।
आईपी गुप्ता ने आगे कहा कि चाहे भाजपा का मुख्यमंत्री बने या जदयू का, सभी को उनके दरवाजे खुले रखने होंगे। उनके इस बयान को उनके राजनीतिक आत्मविश्वास के तौर पर देखा जा रहा है।
विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसे जहां कुछ लोग भाजपा के समर्थन में बयान मान रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है।
फिलहाल, आईपी गुप्ता के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
